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मैं एच डी एफ सी लाइफ या इसके अधिकृत प्रतिनिधियों से व्हॉट्सऐप सहित कॉल, SMS, ईमेल और वॉयस ऑवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) के माध्यम से पॉलिसी संबंधी /डॉक्यूमेंट / एप्लीकेशन संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए सहमत हूं और इस संबंध में NCPR (नेशनल कस्टमर प्रेफरेंस रजिस्ट्री) पर अपने रजिस्ट्रेशन से छूट देने के लिए सहमत हूं.

आपके परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक जीवन बीमा यह हैः

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आपके लिए सुझाए गए प्लान

यहां दिखाए गए वैल्यू केवल उदाहरण के लिए हैं. प्रदान की गई जानकारी के आधार पर परिणाम उत्पन्न किए जाते हैं. इसका उद्देश्य इन्वेस्टमेंट संबंधी निर्णय का आधार बनना नहीं है और केवल इसके आधार पर इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहिए.
HDFC Life Insurance - How much Life Insurance?

एच डी एफ सी लाइफ इंश्योरेंस - जीवन बीमा कितना होना चाहिए?

जीवन बीमा की राशि कितनी होनी चाहिए?

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इससे संबंधित कई विचार मन में आते हैं, आइए, हम आपको जीवन बीमा संबंधी आवश्यकताओं के लिए आसान निर्णय लेने में आपकी सहायता करें.

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परिचय

एच डी एफ सी लाइफ

एच डी एफ सी लाइफ भारत की अग्रणी जीवन बीमा कंपनियों में से एक है, जो सुरक्षा, पेंशन, बचत और इन्वेस्टमेंट, स्वास्थ्य आदि से संबंधित आपकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने वाले व्यक्तिगत और सामूहिक बीमा समाधान प्रदान करती है.

SUPERBRAND FOR THE 10TH TIME SUPERBRAND FOR THE 10TH TIME
10वीं बार सुपरब्रांड

सुपरब्रांड 2023-24

सम अश्योर्ड
Sum Assured

11 लाख करोड़

नया बिज़नेस

ब्रांच
HDFC Life Branches

498

पूरे भारत में

मैनेजमेंट के तहत एसेट
Assets under management

2,38,782 करोड़

FY 22-23 में

जीवन बीमा की संख्या
Number of Lives Insured

6.8 करोड़

FY 22-23 में

# एच डी एफ सी लाइफ इंटीग्रेटेड वार्षिक रिपोर्ट FY 2022 - 2023 के अनुसार

See Product Card to the right
See Product Card to the left

क्लेम ट्रैक रिकॉर्ड

FY 2022-2023 के लिए

image 98.66% individual claims

हमने 99.39% व्यक्तिगत क्लेम्स का भुगतान किया है!*

एच डी एफ सी लाइफ में, हम आसान और विशिष्ट रूप से संवेदनशील क्लेम अनुभव सुनिश्चित करते हैं. हम क्लेम के तेज़ सेटलमेंट के लिए हमारी ओर से पूरा प्रयास करते हैं तथा हमारा यह प्रयास और आश्वासन हमारे क्लेम सेटलमेंट रेशियो में दिखाई देता है.

Same Day Claims Processing image

उसी दिन क्लेम प्रोसेसिंग

शुरू होने की तिथि से 3 वर्षों के बाद, सभी इंडिविजुअल क्लेम 24 कार्यकारी घंटों के भीतर प्रोसेस किए जाते हैं**.

*FY 2022-23 के ऑडिटेड वार्षिक आंकड़ों के अनुसार इंडिविजुअल डेथ क्लेम सेटलमेंट रेशियो पॉलिसी की संख्या पर निकाला गया है.

पिछले 5 वर्षों के क्लेम का ट्रेंड देखें.

**बशर्ते हमें सभी संबंधित और आवश्यक डॉक्यूमेंट प्राप्त हुए हों और अन्य किसी जांच की आवश्यकता न हो. क्लेम अनुरोध अप्रूव होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस पूरी की जाएगी.

अधिक जानें

जीवन बीमा क्या है? 

जीवन बीमा एक व्यक्ति और बीमा कंपनी के बीच साइन किया हुआ एक कॉन्ट्रैक्ट होता है. नियमित अंतराल पर भुगतान किए गए प्रीमियम के बदले, बीमा कंपनी पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद पॉलिसीधारक के लाभार्थियों को मृत्यु लाभ के रूप में एकमुश्त राशि का भुगतान करने का वादा करती है. जीवन बीमा का उद्देश्य जीवन बीमा खरीदने वाले व्यक्ति के आश्रितों को फाइनेंशियल लाभ प्रदान करना है, ताकि बीमित व्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाने की स्थिति में उन्हें फाइनेंशियल परेशानियों का सामना न करना पड़े.

 

इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर लाभार्थियों को मिलने वाला मृत्यु लाभ, पॉलिसीधारक द्वारा कमाई जा रही रेगुलर इनकम का स्थान लेता है. पॉलिसीधारक के आश्रित इस राशि का उपयोग क़र्ज़ का भुगतान करने, रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने और शिक्षा और अन्य लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों के लिए पैसे जुटाने के लिए कर सकते हैं.
आप टर्म इंश्योरेंस, एंडोमेंट प्लान, रिटायरमेंट इंश्योरेंस प्लान और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIPs) सहित विभिन्न लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीद सकते हैं. आप आसान चरणों में ऑनलाइन लाइफ इंश्योरेंस खरीद सकते हैं. ऑनलाइन लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीदना एक आसान तरीका है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपके प्रियजन आपकी अनुपस्थिति में फाइनेंशियल रूप से सुरक्षित रहें. आप इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का उपयोग करके लाइफ इंश्योरेंस में अपने इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न की गणना भी कर सकते हैं और पसंदीदा रिटर्न पाने के लिए कुछ आसान विवरण दर्ज कर सकते हैं.


जीवन बीमा खरीदना न केवल बीमित व्यक्ति की असमय मृत्यु की स्थिति में फाइनेंशियल सहायता प्रदान करने में मदद करता है, बल्कि यह आपके जीवन के लक्ष्यों जैसे बच्चों की शिक्षा, आपके रिटायरमेंट कॉर्पस या दूसरा घर खरीदने में आपकी मदद करके एक लंबी अवधि के इन्वेस्टमेंट का काम भी कर सकता है.

जीवन बीमा कैसे काम करती है?

जीवन बीमा, बीमा प्रदाता और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध होता है. इसमें, बीमा प्रदाता, प्रीमियम्स के भुगतान के बदले, बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर या पॉलिसी की मेच्योरिटी पर एक तय राशि का भुगतान करने के लिए सहमत होता है.
 

जीवन बीमा आपकी मृत्यु हो जाने पर आपके नॉमिनी या लाभार्थियों को पहले से तय की गई राशि देता है. जीवन बीमा प्रभावी होने के लिए इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु के समय पॉलिसी एक्टिव होनी चाहिए.
 

यदि बीमित व्यक्ति ने पूरे जीवनकाल के दौरान पूरे प्रीमियम का भुगतान किया है, तो लाभार्थियों को सुनिश्चित राशि प्राप्त करने का अधिकार होता है. मृत्यु के समय दी जाने वाली राशि से यह सुनिश्चित होता है कि बीमित व्यक्ति के परिवार पर कोई आर्थिक बोझ न आए.
प्रीमियम बीमित व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य और चुनी गई पॉलिसी के प्रकार पर आधारित होते हैं.

जीवन बीमा के लाभ इस प्रकार हैं:
 

  • जीवित रहने के मामले में: पॉलिसी के नियम और शर्तों के अनुसार बीमित व्यक्ति को पैसे और अन्य लाभ मिलेंगे.

  • मृत्यु होने पर: बीमित व्यक्ति के नॉमिनी या लाभार्थी, नियम और शर्तों के अनुसार पॉलिसी के लाभ पाने के हकदार होंगे.
     

आपके जीवन बीमा कवरेज को कई कारक प्रभावित करते हैं:
 

  • आपकी आयु

  • आपके स्वास्थ्य की स्थिति

  • आपका लिंग

  • आपके द्वारा चुनी गई पॉलिसी का प्रकार

  • आपकी मेडिकल हिस्ट्री
     

विभिन्न प्रकार की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी हैं, जैसे कि होल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, टर्म इंश्योरेंस, एंडोमेंट प्लान, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP), मनी बैक पॉलिसी और रिटायरमेंट प्लान.
 

आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार जीवन बीमा प्लान चुन सकते हैं.

आपको जीवन बीमा खरीदने पर क्यों विचार करना चाहिए?

जीवन बीमा प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण फाइनेंशियल सॉल्यूशन है, खास तौर पर उन लोगों के लिए, जिन पर उनके माता-पिता, पति/पत्नी और बच्चे आदि आश्रित होते हैं. आइए हम जीवन बीमा के कुछ लाभ समझते हैं:
 

  1. प्रियजनों की आर्थिक सुरक्षा: जीवन बीमा पॉलिसी से आमदनी की हानि से सुरक्षा मिल सकती है ताकि आपका परिवार बिना पैसों की चिंता किए एक सामान्य जीवन जी सके. इससे उन्हें अपनी मौजूदा लाइफस्टाइल के हिसाब से जीवन जीने और खाने-पीने, किराया, शिक्षा आदि जैसे खर्चों को कवर करने में मदद मिलती है.
     

  2. बच्चों की भविष्य की शिक्षा के लिए पैसे जुटाना: अगर परिवार में कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाए, तो शिक्षा के खर्च एक बड़ा आर्थिक बोझ बन सकते हैं. जीवन बीमा से यह सुनिश्चित होता है कि आपके जाने के बाद भी आपके बच्चे अपनी पसंद के कॉलेज में पढ़ाई कर सकें.
     

  3. भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए प्लानिंग और रिटायरमेंट के लिए बचत: बीमारी और विकलांगता जैसी अप्रत्याशित घटनाओं से आपके परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ सकता है. यह एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है और अप्रत्याशित परिस्थितियों से आने वाले खर्चों को कवर करता है.
     

  4. कर्ज़ चुकाएं: आपकी आकस्मिक मृत्यु के कारण, आपके बकाया कर्ज़ या उधार आपके परिवार पर आर्थिक बोझ डाल सकते हैं. जीवन बीमा से आपके परिवार के सदस्यों को क्रेडिट कार्ड के बिल, होम लोन आदि जैसे कर्ज़ का भुगतान करने में मदद मिलती है और इस प्रकार वे फाइनेंशियल तौर पर सुरक्षित रहते है.
     

  5. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स कटौती प्राप्त करने के लिए ** : अपने भुगतान किए गए प्रीमियम के लिए, आप इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती का लाभ उठा सकते हैं.
     

  6. मन की शांति और फाइनेंशियल सुरक्षा: जब आपको पता हो कि जीवन बीमा की वजह से, आपका परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित है और उन्हें आपके कर्ज़ों से कोई खतरा नहीं, तो यह आपको एक अद्भुत मन की शांति देता है. इसके साथ, आप बिना किसी तनाव के और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन जी सकते हैं.

जब आप जीवन बीमा खरीदते हैं तो क्या होता है?

जब आप जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते हैं, तो आप एक निश्चित अवधि के लिए नियमित अंतराल पर इंश्योरेंस कंपनी को प्रीमियम का भुगतान करते हैं और एक अनुबंध में शामिल होते हैं.
 

आपकी मृत्यु हो जाने पर, बीमा प्रदाता आपके प्रियजनों या आश्रितों को सम अश्योर्ड की राशि का भुगतान करता है. अगर आप पॉलिसी की पूरी अवधि तक जीवित रहते हैं, तो आपको नियम और शर्तों के अनुसार मेच्योरिटी राशि मिल सकती है.
 

यह आपके परिवार के सदस्यों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाले सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
 

जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते हैं, आपको इन चरणों को पूरा करना होगा:
 

  1. पॉलिसी चुनें: सबसे पहले, जीवन बीमा पॉलिसी का प्रकार चुनें, अपनी कवरेज राशि तय करें, अपने लक्ष्यों के अनुसार अवधि चुनें और अपने लाभार्थियों को चुनें.
     

  2. अप्लाई करें: इसके बाद, एप्लीकेशन फॉर्म भरें और सभी आवश्यक चरणों को पूरा करें. आपको अपने स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए मेडिकल जांच भी करवानी पड़ सकती है.
     

  3. अप्रूवल और भुगतान: फिर, आपको पॉलिसी डॉक्यूमेंट मिलेगा और पहले से तय अंतराल पर आपको प्रीमियम का भुगतान करना शुरू करना होगा.
     

  4. पॉलिसी अवधि के दौरान: अपनी पॉलिसी को एक्टिव रखने के लिए समय पर प्रीमियम का भुगतान करते रहें. आवश्यकता पड़ने पर आप एडजस्टमेंट भी कर सकते हैं.
     

  5. मृत्यु / मेच्योरिटी होने पर: इंश्योर्ड व्यक्ति की पॉलिसी मेच्योर हो जाने पर या उनकी मृत्यु हो जाने पर, इंश्योरेंस प्रदाता लाभार्थियों को मेच्योरिटी राशि या डेथ बेनिफिट का भुगतान करेगा.

जीवन बीमा - सामान्य प्रश्न

1 जीवन बीमा के क्या लाभ हैं?

आपकी इनकम चाहे कितनी भी हो, जीवन बीमा यह सुनिश्चित करता है कि आपको असमय कुछ हो जाने पर आपके प्रियजनों की जरूरतों का ख्याल रखा जाए. यह जीवन बीमा का सबसे बड़ा फायदा है.

जीवन बीमा पॉलिसी आपको मन की शांति प्रदान करती है, चाहे आप इसे जीवन के किसी भी चरण में खरीदें. जीवन बीमा एक लाइफ कवर प्रदान करता है जो आपको और आपकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के मामले में आपके परिवार को सुरक्षित रखता है. आपकी मृत्यु की स्थिति में जीवन बीमा से मिलने वाला क्लेम बच्चों की शिक्षा के लिए भुगतान करने, क़र्ज़ का भुगतान करने और घरेलू खर्चों में मदद करके आपके परिवार का फाइनेंशियल भविष्य सुरक्षित करेगा. जीवन बीमा में आप जो पैसे इन्वेस्ट करते हैं वे सुरक्षित रहते हैं और साथ ही आपके साथ कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो जाने पर आपके परिवार को बीमा का भुगतान मिलता है.


सेलरी प्राप्त करने वाले लोग जीवन बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर टैक्स छूट प्राप्त करते हैं और इस प्रकार उनकी टैक्स देयता कम हो जाती है. जीवन बीमा आपको कुछ मामलों में पॉलिसी पर लोन लेने की सुविधा भी प्रदान करता है. एक जीवन बीमा पॉलिसी आपको अपने बच्चों की शिक्षा, उनके विवाह और अपने रिटायरमेंट कॉर्पस सहित अपने जीवन के विभिन्न लक्ष्यों को प्लान करने में मदद करेगी.

आपकी जीवन बीमा पॉलिसी के साथ उपलब्ध राइडर आपको अपने प्लान को कस्टमाइज़ करने और अधिकतम लाभ प्राप्त करने में मदद करते हैं.

विभिन्न प्रकार के जीवन बीमा होते हैं, जो आपके और आपके परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य के लाभ प्राप्त करने में मदद करते हैं.

2 जीवन बीमा का क्या मतलब है?

यह बीमा प्रदाता और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध होता है, जहां बीमा प्रदाता, प्रीमियम्स के भुगतान के बदले, बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर या पॉलिसी की मेच्योरिटी पर एक तय राशि का भुगतान करने के लिए सहमत होता है.

3 जीवन बीमा में सही सम इंश्योर्ड कैसे चुनें?

यह काम भविष्य की आय का पूर्वानुमान लगाकर, भविष्य के वार्षिक खर्चों का आकलन करके, बच्चों की शिक्षा और विवाह जैसे आर्थिक लक्ष्यों की भावी लागतों की गणना करके और अन्य ज़िम्मेदारियों को शामिल करके किया जा सकता है. या आप इसका अंदाज़ा लगाने के लिए अपनी वार्षिक आय को 10 से गुणा भी कर सकते हैं.

4 जीवन बीमा के क्या उपयोग हैं?

इससे टैक्स लाभ, आर्थिक सुरक्षा, परिवार के लिए फाइनेंशियल कवरेज, रिटायरमेंट प्लानिंग, भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निधि और आपकी पूंजी को बढ़ाने आदि जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

5 जीवन बीमा की सबसे अधिक आवश्यकता किसे होती है?

कोई भी व्यक्ति जो अपने घर में कमाने वाला व्यक्ति है और उस पर कुछ आश्रित हैं, उसे जीवन बीमा की आवश्यकता होती है. अगर आपकी असमय मृत्यु हो जाने के कारण इनकम बंद हो जाती है, तो आपके प्रियजनों को इसके नकारात्मक प्रभाव भुगतने पड़ेंगे. एक जीवन बीमा पॉलिसी सुनिश्चित करती है कि इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु के मामले में उसके प्रियजनों के फाइनेंशियल भविष्य को बीमा प्रदाता द्वारा मिलने वाले भुगतान की मदद से सुरक्षित किया जा सके.

अगर आप कोई बिज़नेस करते हैं तो आप लाइफ कवर लेकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी असमय मृत्यु की स्थिति में आपका बिज़नेस प्रभावित न हो. जब तक आपका उत्तराधिकारी बिज़नेस को सही तरीके से संभाल पाता है, तब तक यह कवर क़र्ज़ और खर्चों का भुगतान करके बिज़नेस को बनाए रखने में मदद करता है.

अगर आपने अपने जीवनकाल में कोई लोन लिया है, तो लाइफ कवर होने से आपके परिवार को बीमा क्लेम का भुगतान प्राप्त होगा, जिसकी मदद से वह उस लोन को चुका सकेंगे.

6 जीवन बीमा प्लान के विभिन्न प्रकार कौन से हैं?

भारत में, हमारे पास हर आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के बीमा प्लान हैं.

सबसे सरल प्लान टर्म इंश्योरेंस प्लान हैं, जिनमें डेथ बेनिफिट मिलता है, लेकिन मेच्योरिटी संबंधी कोई बेनिफिट नहीं मिलता है. टर्म इंश्योरेंस में, बीमा प्रदाता इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में लाभार्थियों को एकमुश्त राशि का भुगतान करने का वादा करता है. आज कल कुछ टर्म इंश्योरेंस प्लान पॉलिसीधारक के पॉलिसी अवधि तक जीवित रह जाने पर प्रीमियम वापस करने की सुविधा भी प्रदान करते हैं; इन्हें टर्म इंश्योरेंस विथ रिटर्न ऑफ प्रीमियम कहा जाता है.

भारत में मिलने वाले अन्य जीवन बीमा प्लान में एंडोमेंट इंश्योरेंस प्लान, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIPs), मनीबैक इंश्योरेंस प्लान, होल लाइफ इंश्योरेंस प्लान, ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस, चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान और रिटायरमेंट इंश्योरेंस प्लान शामिल हैं.

7 जीवन बीमा के प्रीमियम को प्रभावित करने वाले कारक

पॉलिसीधारक के जीवन बीमा प्रीमियम को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक उनकी आयु है. युवा व्यक्तियों को आमतौर पर स्वस्थ माना जाता है और उनमें अचानक कोई बड़ी बीमारी होने या उनकी अचानक मृत्यु हो जाने की संभावना बहुत कम होती है; इसलिए युवाओं से कम प्रीमियम लिया जाता है.

जेंडर या लिंग भी प्रीमियम को प्रभावित करने वाला एक कारक है. वैज्ञानिक और सांख्यिकीय आंकड़ों से यह प्रमाणित हुआ है कि महिलाएं औसतन पुरुषों की तुलना में 5 वर्ष अधिक जीवित रहती हैं. तो इस कारण यह माना जा सकता है कि महिलाएं पॉलिसी में लंबी अवधि तक बनी रहेंगी और इसलिए उनसे कम प्रीमियम लिया जाता है.

मेडिकल रिकॉर्ड भी प्रीमियम निर्धारित करने में महत्वपूर्ण कारक की भूमिका निभाते हैं, क्योंकि जीवन बीमा पॉलिसी आमतौर पर एक अंडरराइटिंग प्रोसेस के साथ आती है जिसमें पॉलिसीधारक की पूरी मेडिकल जांच शामिल होती है. फिज़िकल हेल्थ से संबंधित या संभावित बीमारी का कोई भी खतरा होने पर भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि पर प्रभाव पड़ सकता है.

इसी प्रकार फैमिली हिस्ट्री भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कुछ बीमारियां आनुवांशिक होती हैं और वे परिवार से पॉलिसीधारक में आ सकती हैं. परिवार की मेडिकल हिस्ट्री इन पैटर्न का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इससे प्रीमियम की राशि प्रभावित हो सकती है.

स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाने वाली आदतें, जैसे धूम्रपान करना और शराब पीना आदि, लंबी अवधि में आपकी हेल्थ को तो प्रभावित करती ही हैं साथ ही भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि पर भी इनका प्रभाव पड़ता है. प्रोफेशन और लाइफस्टाइल भी लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम को प्रभावित कर सकते हैं. माइनिंग, ऑयल और गैस तथा फिशरीज़ जैसे खतरनाक माने जाने वाले प्रोफेशन में काम करने वाले व्यक्तियों सहित पर्वतारोहण जैसी खतरनाक गतिविधियों में भाग लेने वाले लोगों से अधिक प्रीमियम लिया जा सकता है.

8 मैं जीवन बीमा का क्लेम कैसे फाइल करूं?

पॉलिसी की मेच्योरिटी पर या राइडर क्लेम के रूप में या पॉलिसीधारक की मृत्यु पर जीवन बीमा क्लेम किए जा सकते हैं. मृत्यु के क्लेम के मामले में, लाभार्थी, जो पॉलिसी का नॉमिनी है, उसे एक सूचना फॉर्म भरकर बीमा प्रदाता को जल्द से जल्द क्लेम के बारे में सूचित करना होता है. यह फॉर्म बीमा कंपनी की नज़दीकी ब्रांच से लिया जा सकता है या इसे बीमा कंपनी की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. इसके साथ इंश्योर्ड व्यक्ति का मृत्यु सर्टिफिकेट, इंश्योर्ड व्यक्ति का जन्म सर्टिफिकेट (आयु के प्रमाण के लिए), मूल पॉलिसी डॉक्यूमेंट और बीमा प्रदाता द्वारा अनुरोध किए गए किसी भी अन्य डॉक्यूमेंट जैसे संबंधित डॉक्यूमेंट प्रदान करने होते हैं.

बीमा प्रदाता को सभी डॉक्यूमेंट प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर क्लेम सेटल करना पड़ता है. अगर आगे जांच की आवश्यकता पड़ती है, तो बीमा प्रदाता को क्लेम की लिखित सूचना प्राप्त होने की तिथि से छह महीनों के भीतर इस जांच की सभी प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं.

अगर आप मेच्योरिटी क्लेम कर रहे हैं, तो पहले बीमा प्रदाता बैंक डिस्चार्ज फॉर्म के साथ पॉलिसीधारक से संपर्क करता है. पॉलिसीधारक को यह फॉर्म भरना होता है और अनुरोध किए गए संबंधित डॉक्यूमेंट के साथ बीमा प्रदाता के यहां सबमिट करना होता है.

राइडर क्लेम के मामले में, जो अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करने पर पॉलिसीधारकों को प्राप्त होने वाले अतिरिक्त लाभ हैं, विधिवत भरा गया क्लेम फॉर्म और पॉलिसी की कॉपी बीमा प्रदाता के यहां सबमिट करनी पड़ती है. प्रीमियम की माफी और क्रिटिकल इलनेस जैसे विभिन्न राइडर्स को अलग-अलग तरीकों से सेटल किया जाता है.

9 जीवन बीमा द्वारा किस प्रकार की मृत्यु को कवर नहीं किया जाता है?

हालांकि दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मृत्यु जीवन बीमा द्वारा कवर की जाती है, लेकिन इसमें कुछ अपवाद हैं. अगर इंश्योर्ड व्यक्ति किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल है या नशे या मादक पदार्थों के कारण मृत्यु होती है, तो इस प्रकार की मृत्यु को टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान में कवर नहीं किया जाता है. स्काई डाइविंग और बंजी जंपिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स में भाग लेने के दौरान इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु होने पर इसे ऐसे प्लान में कवर नहीं किया जाता है.

आत्महत्या के मामले में मृत्यु लाभ आमतौर पर बीमा कंपनियों के विवेकाधिकार पर निर्भर होते हैं. आमतौर पर, अगर इंश्योर्ड व्यक्ति की मृत्यु आत्महत्या के कारण शुरुआती 12 महीनों के भीतर हो जाती है तो लाभार्थियों को नॉन-लिंक्ड प्लान के मामले में भुगतान किए गए प्रीमियम से संचित राशि का 80 प्रतिशत और लिंक्ड प्लान के मामले में 100 प्रतिशत मिलता है.

टर्म इंश्योरेंस प्लान खुद से लगाई गई चोटों या HIV/AIDS जैसी यौन संचारित बीमारियों के कारण होने वाली मृत्यु को कवर नहीं करते हैं.

शराब या मादक पदार्थों के सेवन के कारण होने वाली मृत्यु भी टर्म प्लान द्वारा कवर नहीं की जाती है. इसी प्रकार नॉमिनी द्वारा क्लेम के लालच में पॉलिसीधारक की हत्या कर दिए जाने पर भी लाभ का भुगतान नहीं किया जाता है. किसी ऐसी मौजूदा बीमारी के कारण होने वाली मृत्यु को भी टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान में कवर नहीं किया जाता है जिसका खुलासा पॉलिसी खरीदते समय नहीं किया गया हो. सुनामी, भूकंप, बाढ़ आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली मृत्यु टर्म इंश्योरेंस द्वारा कवर नहीं की जाती है, जब तक कि पॉलिसीधारक ने उस उद्देश्य के लिए राइडर का विकल्प नहीं चुना हो.

जीवन बीमा प्रोडक्ट्स के बारे में अधिक जानें

1 टर्म इंश्योरेंस के 3 लाभ क्या हैं?

प्रीमियम उचित होते हैं, आपका परिवार आपकी मृत्यु की स्थिति में फाइनेंशियल रूप से सुरक्षित होता है और आप गंभीर बीमारियों और दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु के लिए कवरेज भी जोड़ सकते हैं.

2 क्या टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदना एक अच्छा विचार है?

टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदकर परिवार के लिए अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों को प्राप्त करना और अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना संभव है. अगर टर्म इंश्योरेंस लिया जाता है, तो इंश्योर्ड व्यक्ति के आश्रितों को फाइनेंशियल समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है.

3 क्या टर्म इंश्योरेंस में दुर्घटना में होने वाली मृत्यु को कवर किया जाता है?

टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी में दुर्घटना में होने वाली मृत्यु को कवर किया जाता है. पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर सम इंश्योर्ड राशि का भुगतान किया जाएगा, चाहे मृत्यु का कारण हेल्थ संबंधी समस्या हो, दुर्घटना हो या अन्य कोई कारण हो.

4 टर्म लाइफ पॉलिसी के अंत में क्या होता है?

जब टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी प्लान समाप्त हो जाते हैं, तो पॉलिसीधारक को कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं होती है. पॉलिसीधारक को सूचित किया जाएगा कि पॉलिसी अब प्रभावी नहीं है; कोई प्रीमियम देय नहीं है, और कोई भी डेथ बेनिफिट प्रदान नहीं किया जाएगा.

5 टर्म लाइफ इंश्योरेंस के तहत मिलने वाले मृत्यु लाभ क्या हैं?

अगर आपकी अचानक मृत्यु हो जाती है, तो आपके आश्रितों को एकमुश्त रूप में मृत्यु लाभ प्रदान किया जाता है. लेकिन कुछ टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी रोजमर्रा के खर्चों में सहायता करने के लिए एकमुश्त राशि के साथ मासिक इनकम भी प्रदान करती हैं.

6 टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम क्या है?

फाइनेंशियल सुरक्षा के बदले आप बीमा कंपनी को जो भुगतान करते हैं, उसे प्रीमियम कहा जाता है. प्रीमियम का भुगतान मासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक रूप से किया जा सकता है.

  • सेविंग
  • ULIP
  • रिटायरमेंट
  • चाइल्ड

1 सेविंग इंश्योरेंस प्लान क्या है?

सेविंग इंश्योरेंस प्लान एक प्रकार की इंश्योरेंस पॉलिसी है जो आपको फाइनेंशियल रूप से सुरक्षित भविष्य के लिए इन्वेस्ट करने की सुविधा देती है. ये प्लान आपको बचत की आदत विकसित करने में मदद करते हैं और अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी सहायता करते हैं. सबसे महत्वपूर्ण रूप से, वे पॉलिसीधारक को लाइफ कवरेज प्रदान करते हैं, जिससे उनके परिवार का फाइनेंशियल भविष्य सुरक्षित हो जाता है.

2 आपको सेविंग इंश्योरेंस प्लान में क्यों इन्वेस्ट करना चाहिए?

अगर आप जोखिम से बचना चाहते हैं, लेकिन अपने भविष्य के फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए पैसे भी इकट्ठा करना चाहते हैं, तो एच डी एफ सी लाइफ गारंटीड इनकम इंश्योरेंस प्लान8 जैसा सेविंग इंश्योरेंस प्लान आपके लिए आदर्श हो सकता है. ये पॉलिसी लाइफ कवरेज प्रदान करती है, आपके प्रियजनों की सुरक्षा करती है और उन्हें कठिन समय में फाइनेंशियल सहायता देती है. इसके अलावा, यह आपको बचत की एक अनुशासित आदत विकसित करने और आपके भविष्य के लिए फंड तैयार में मदद करती है.

3 सेविंग इंश्योरेंस प्लान के क्या लाभ हैं?

जब आप एच डी एफ सी लाइफ संचय पर एडवांटेज9 जैसी सेविंग इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं, तो आपको फाइनेंशियल स्थिरता का लाभ मिलता है क्योंकि यह भविष्य के खर्चों को पूरा करने में आपकी मदद करने के लिए गारंटीड रिटर्न प्रदान करता है. यह प्लान पॉलिसीधारक को लाइफ कवरेज भी प्रदान करता है, जिससे आपको कुछ भी होने की स्थिति में आपके परिवार को फाइनेंशियल सुरक्षा मिलती है. ये प्लान इनकम टैक्स एक्ट 1961# के तहत टैक्स बचत के लिए भी पात्र हैं.

4 सेविंग इंश्योरेंस प्लान के टैक्स लाभ क्या हैं?

सेविंग इंश्योरेंस प्लान, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C# और सेक्शन 10(10D)# के तहत टैक्स लाभ प्रदान करते हैं. प्रीमियम राशि, सेक्शन 80C# के तहत आपकी टैक्स योग्य आय से प्रति वर्ष ₹1, 50,000 तक की कटौती के लिए पात्र है. टैक्स लाभ के लिए पात्र होने के लिए आपका प्रीमियम सम अश्योर्ड के 10% से कम होना चाहिए. सेक्शन 10(10D) के तहत, पॉलिसी समाप्त होने पर देय मेच्योरिटी और इंश्योरेंस लाभ टैक्स-फ्री होते हैं.

5 मुझे लॉन्ग-टर्म या शॉर्ट-टर्म सेविंग इन्वेस्टमेंट प्लान में से कौन सा चुनना चाहिए?

आपके द्वारा सेविंग इन्वेस्टमेंट प्लान के लिए चुनी गई अवधि आपके लक्ष्य पर निर्भर करती है. अगर आप विदेश में छुट्टी मनाने या घर के रेनोवेशन जैसे किसी अल्पकालिक लक्ष्य के लिए बचत करना चाहते हैं, तो आप शॉर्ट टर्म प्लान का विकल्प चुन सकते हैं. लेकिन, अगर आप अपने बच्चे को कॉलेज भेजने, घर खरीदने या रिटायरमेंट के लिए बचत कर रहे हैं, तो आपको लॉन्ग-टर्म प्लान चुनना चाहिए.

6 एच डी एफ सी लाइफ का सेविंग प्लान क्यों चुनें?

एच डी एफ सी लाइफ स्थिर रिटर्न प्रदान करता है और हमारा इंडिविजुअल डेथ क्लेम सेटलमेंट रेशियो बेहतर है. इस प्रकार आपको और आपके प्रियजनों को फाइनेंशियल सुरक्षा मिलती है. हम कई प्लान और कस्टमाइज़ेशन के विकल्प प्रदान करते हैं, जिससे आपको अपनी फाइनेंशियल ज़रूरतों के लिए आदर्श सेविंग प्लान खोजने में मदद मिलती है.

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हम एचडीएफसी लाइफ में नए प्रोडक्ट और सर्विसेज़ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो व्यक्तियों को 'गर्व का जीवन' जीने में सक्षम बनाते हैं. हम दो दशकों से अधिक समय से जीवन बीमा प्लान - प्रोटेक्शन, पेंशन, सेविंग, इन्वेस्टमेंट, एन्युटी और हेल्थ प्रदान कर रहे हैं.

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नियम और शर्तें लागू*

1. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के अनुसार. टैक्स लाभ, टैक्स कानूनों में बदलाव के अधीन हैं.
2. इस विकल्प का उपयोग 30 से अधिक किसी भी पॉलिसी वर्ष में किया जा सकता है, लेकिन पिछले 5 पॉलिसी वर्षों में नहीं किया जा सकता है. अगर लाइफ गोल या रिटर्न ऑफ प्रीमियम विकल्प चुना जाता है, तो यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती है.
3. पॉलिसी अवधि के दौरान टर्मिनल इलनेस के डायग्नोसिस के मामले में मृत्यु होने पर सम अश्योर्ड, अधिकतम रु. 2 करोड़ तक एक्सीलरेट किया जाएगा. यह सुविधा लाइफ और लाइफ प्लस विकल्प के लिए 80 वर्ष की आयु तक उपलब्ध है.
4. पॉलिसी अवधि के दौरान सर्वाइवल पर गारंटीड लाभ का भुगतान किया जाता है, बशर्ते प्रीमियम भुगतान अवधि के दौरान सभी देय प्रीमियम का भुगतान किया गया हो.
5. आपकी आयु, प्रीमियम, भुगतान और पॉलिसी अवधि के आधार पर 100X तक का सम अश्योर्ड मल्टीपल.
7. कैपिटल गारंटी के साथ लेवल कवर और कैपिटल गारंटी के साथ डीक्रिजिंग कवर प्लान विकल्पों के तहत उपलब्ध.
8. एच डी एफ सी लाइफ गारंटीड इनकम इंश्योरेंस प्लान UIN: 101N146V04. नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस सेविंग प्लान.
9. इस प्रोडक्ट में एक नॉन-लिंक्ड, पार्टिसिपेटिंग, लाइफ इंश्योरेंस प्लान एच डी एफ सी लाइफ संचय पर एडवांटेज (UIN: 101N136V03) का कवरेज उपलब्ध है.

बशर्ते सभी देय प्रीमियम का भुगतान किया गया है और पॉलिसी लागू है.

यह विकल्प 50 से 60 वर्ष की प्रवेश आयु के लिए उपलब्ध है.

#टैक्स लाभ इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 10 और अन्य प्रावधानों के तहत शर्तों के अधीन हैं. टैक्स कानून समय-समय पर बदल सकते हैं.

 #. कस्टमर से अनुरोध है कि वह इनकम टैक्स कानून के तहत आने वाली अपनी पर्सनल टैक्स देयताओं के संबंध में अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से या पर्सनल टैक्स सलाहकार से टैक्स सलाह लें. 

^~. भुगतान किए गए कुल प्रीमियम का मतलब है प्राप्त होने वाले कुल प्रीमियम, जिनमें कोई भी अतिरिक्त प्रीमियम, कोई भी राइडर प्रीमियम और टैक्स शामिल नहीं हैं. अगर ROP का विकल्प चुना गया है, तो भुगतान किए गए कुल प्रीमियम में बेस प्लान विकल्प के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम और ROP विकल्प के लिए भुगतान किए गए अतिरिक्त प्रीमियम शामिल होंगे. यह लाभ केवल लाइफ और लाइफ प्लस ऑप्शन में उपलब्ध है.

*. अन्य प्लान के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया वेबसाइट www.hdfclife.com पर प्रोडक्ट कैटेगरी पेज पर जाएं

** टैक्स लाभ, इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C और अन्य प्रावधानों के अधीन हैं. टैक्स कानून समय-समय पर बदल सकते हैं.

ARN - ED/01/24/8128-HI