क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ

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एचडीएफसी लाइफ और एचडीएफसी अर्गो हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड ने आपको हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस दोनों का फायदा देने के लिए एक व्यापक और किफायती पॉलिसी पेश की है, जिसका नाम है क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ। यह पॉलिसी आपको और आपके परिवार को आत्मनिर्भर बनाती है, ताकि आप गर्व से सिर उठाकर जी सकें।

आपको इस प्लान की जरूरत क्यों है?
  • खरीदने में आसानी- अलग-अलग बीमा कंपनियों से खरीदने की जरूरत नहीं
  • दोनों कंपनियों की 600 से अधिक शाखाओं में सर्विस टच पॉइंट्स
  • क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ खरीदने पर कुल प्रीमियम पर 5% की छूट*
  • एकमात्र प्लान जो आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 80C, 80D और 10D के तहत टैक्स छूट प्रदान करता है
  • इस पॉलिसी को खरीदने के लिए ग्राहक को मात्र एक चेक और एक दस्तावेज जमा करने के साथ एक चिकित्सकीय कराने की जरूरत पड़ती है
*5% की छूट, लाइफ और हेल्थ दोनों के सालाना प्रीमियम भुगतान पर मिलेगी। दोनों में से कोई एक उत्पाद खरीदने पर ग्राहक को छूट का फायदा नहीं मिलेगा
अन्वेषण- एचडीएफसी लाइफ क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ
Click2Protect Health Plan

लाभ

प्रोटेक्शन

हेल्थ

योग्यता मानदंडलाइफ ऑप्शन3डी लाइफ ऑप्शन, एक्सट्रा लाइफ ऑप्शन, इनकम ऑप्शन, एक्सट्रा लाइफ इनकम ऑप्शनइनकम रिप्लेसमेंट ऑप्शन, रिटर्न ऑफ प्रीमियम ऑप्शनलाइफ लॉन्ग प्रोटेक्शन ऑप्शन3डी लाइफ लॉन्ग प्रोटेक्शन ऑप्शन
प्रवेश के समय न्यूनतम आयु

18 वर्ष

18 वर्ष

18 वर्ष

25 वर्ष

25 वर्ष

प्रवेश के समय अधिकतम आयु

65 वर्ष

न्यूतम पॉलिसी अवधि

एकल भुगतान: 1 महीना नियमित भुगतान, सीमित भुगतान: 5 वर्ष

5 वर्ष

5 वर्ष

आजीवन

आजीवन

अधिकतम पॉलिसी अवधि

(85 वर्ष - प्रवेश के समय आयु)

(85 वर्ष - प्रवेश के समय आयु)

40 वर्ष

प्रीमियम भुगतान का तरीका

एकल भुगतान$, नियमित भुगतान,

सीमित भुगतान: 5 वर्ष से (84 - प्रवेश के समय आयु)

एकल भुगतान$, नियमित भुगतान,

सीमित भुगतान: 5 वर्ष से (84 - प्रवेश के समय आयु)

एकल भुगतान, नियमित भुगतान,

सीमित भुगतान: 5 वर्ष से 39 वर्ष

सीमित भुगतान: (65 -प्रवेश के समय आयु) या (75 -प्रवेश के समय आयु)

सीमित भुगतान: (65 - प्रवेश के समय आयु)

प्रीमियम भुगतान आवृत्ति

एकल, वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक

एकल, वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक

एकल, वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक

वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक

वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक

पॉलिसी परिपक्व होने पर न्यूनतम आयु

23

23

23

आजीवन

आजीवन

पॉलिसी परिपक्व होने पर अधिकतम आयु

85

85

85

न्यूनतम बेसिक सम एश्योर्ड

रु. 10,000

 

योग्यता मानदंडहेल्थ
प्रवेश के समय न्यूनतम आयु

91 दिन

प्रवेश के समय अधिकतम आयु

65 वर्ष

पॉलिसी अवधि
  • 1 साल या 2 साल की अवधि (पॉलिसी वर्ष के आधार पर सम इंश्योर्ड और बेनिफिट लागू होगा)
प्रीमियम भुगतान का तरीका
 
  • 1 साल की पॉलिसी अवधि: वार्षिक
  • 2 साल की पॉलिसी अवधि: एकल
पॉलिसी परिपक्वता अवधि
  • लगातार रिन्यु कराते रहने पर जीवनकाल तक
सम एश्योर्ड
 
  • 3 लाख
  • 5 लाख
  • 10 लाख
  • 15 लाख
  • 20 लाख
  • 25 लाख
  • 50 लाख

 

इनकम और एक्सट्रा लाइफ इनकम ऑप्शन के लिए आमदनी की अधिकतम अवधि 20 साल होगी।
सभी आयु अंतिम जन्मदिन के आधार पर।
$3डी लाइफ ऑप्शन में सिंगल पे ऑप्शन (एकल भुगतान) उपलब्ध नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ में एक ही प्लान के अंदर आपको प्रोटेक्शन और हेल्थ बेनिफिट दोनों ही मिलते हैं। यह आपको और आपके प्रियजनों को मृत्यु या बीमारियों से होने वाले वित्तीय नुकसान से आपको बचाता है।

कॉम्बो प्लान में एक ही कंपनी के दो या दो से अधिक उत्पादों को एक सॉल्यूशन के रूप में एक साथ बेचा जाता है, जबकि कॉम्बी प्लान में दो अलग-अलग बीमा कंपनियों के लाइफ प्लान और हेल्थ प्लान का संयोजन होता है।

यह पॉलिसी खरीदने के लिए ग्राहकों को एक सिंगल चेक देना पड़ता है, सिंगल डॉक्युमेंटेशन से गुजरना पड़ता है और एक चिकित्सकीय जांच करानी होती है।

ग्राहक को लाइफ और हेल्थ दोनों पॉलिसी के सालाना प्रीमियम भुगतान पर 5% की छूट मिलती है। पॉलिसी की वैधता के दौरान अगर किसी समय पॉलिसीधारक किसी एक इंश्योरेंस कवरेज से बाहर निकलने का फैसला करता है, तो क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ पॉलिसी के तहत मिलने वाली छूट आगे ग्राहक को नहीं मिलेगी।

बिल्कुल, क्लिक 2 प्रोटेक्ट हेल्थ पॉलिसी का हेल्थ प्लान किसी भी दूसरी कंपनी की हेल्थ पॉलिसी को पोर्ट करने की मंजूरी प्रदान करता है, जो प्रतीक्षा अवधि के अधीन है।

प्रोटेक्शन- इस प्लान में किसी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) द्वारा भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत टैक्स लाभ मिलता है और यह नियमों में उल्लिखित शर्तों/सीमा के अधीन है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (10डी) के तहत इस पॉलिसी के तहत मिलने वाले लाभ को टैक्स से छूट प्राप्त है और यह नियमों में उल्लिखित शर्तों/सीमा के अधीन है। कृपया इस बात का खयाल रखें कि उपरोक्त उल्लिखित लाभ कर के मौजूदा नियमों के अधीन है। टैक्स नियमों में बदलाव होने पर आपके टैक्स लाभ में बदलाव हो सकता है। आपसे आग्रह है कि इसके लिए आप अपने टैक्स सलाहकार से परामर्श लें।
हेल्थ- इस पॉलिसी के तहत भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम की रकम को आयकर अधिनियम की धारा 80डी के तहत टैक्स में कटौती का लाभ मिलता है।

इस पॉलिसी के तहत मृत्यु या किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि होने पर आपके नॉमिनी को एकमुश्त रकम का फायदा मिलता है। दुर्घटना में पूरी तरह विकलांग होने की स्थिति में आपका बाकी प्रीमियम माफ हो जाता है। यह बेनिफिट सभी प्लान ऑप्शन में उपलब्ध है।

3डी लाइफ ऑप्शन में आपको लाइफ ऑप्शन के तहत मिलने वाला बेनिफिट तो मिलता ही है, इसके अलावा अगर आपको किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि होती है तो बकाया प्रीमियम की माफी का अतिरिक्त फायदा मिलेगा।

एक्सट्रा लाइफ ऑप्शन के तहत लाइफ ऑप्शन में मिलने वाला लाभ तो मिलता ही है, इसके अलावा अगर आपकी मृत्यु दुर्घटना में होती है तो आपको एक्सट्रा लाइफ सम एश्योर्ड मिलता है। ग्राहक के पास एक्सट्रा लाइफ सम एश्योर्ड की रकम चुनने का विकल्प (अधिकतम बेस सम एश्योर्ड के बराबर) होता है।

लाइफ लॉन्ग प्रोटेक्शन ऑप्शन में लाइफ ऑप्शन के तहत मिलने वाला लाभ तो मिलता ही है, इसके अलावा पॉलिसीधारक का जीवन पूरी ज़िंदगी के लिए कवर होती है। इस ऑप्शन में प्रीमियम केवल 75 साल तक की आयु तक ही देने की जरूरत पड़ती है।

इसके तहत, जीवन की निम्नलिखित खास परिस्थितियों में पॉलिसीधारक को बिना किसी अंडरराइटिंग के बेसिक सम एश्योर्ड को बढ़ाने का विकल्प मिलता है:

  • शादी: सम एश्योर्ड का 50% (अधिकतम 50 लाख रुपये बढ़ा सकते हैं)
  • पहली संतान का जन्म: सम एश्योर्ड का 25% (अधिकतम 25 लाख रुपये बढ़ा सकते हैं)
  • दूसरी संतान का जन्म: सम एश्योर्ड का 25% (अधिकतम 25 लाख रुपये बढ़ा सकते हैं)

यह विकल्प सभी प्लान ऑप्शन में उपलब्ध है और यह बोर्ड अप्रूव्ड अंडरराइटिंग पॉलिसी (बीएयूपी) के अधीन है।

इस ऑप्शन में आप पॉलिसी के पहले साल के बाद अपने कवर को सुनियोजित तरीके से बढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं। यह विकल्प सभी प्लान के लिए उपलब्ध है और इसे आपको पॉलिसी लेते वक्त चुनना होगा। यह बोर्ड अप्रूव्ड अंडरराइटिंग पॉलिसी (बीएयूपी) के अधीन है।

पॉलिसी की किसी भी वर्षगांठ पर आपको प्रीमियम भुगतान तरीके में बदलाव की मंजूरी मिलेगी।

इन प्लान में 34 गंभीर बीमारियां कवर होती हैं और पॉलिसीधारक इनमें से किसी एक बीमारी से ग्रस्त होता है तो उसका बकाया प्रीमियम माफ हो जाता है।

एटीपीडी (आकस्मिक कुल और स्थायी विकलांगता) का मतलब है, जब बीमाधारक पूरी तरह, अनवरत और स्थायी रूप से विकलांग हो जाए और उस पर निम्नलिखित दो परिभाषाओं में से एक लागू हो:

  • काम करने में असमर्थताः
    पॉलिसीधारक किसी चोट या दुर्घटना के कारण विकलांग हो जाता है, जिसके कारण वह किसी तरह का काम या कोई व्यवसाय या नौकरी करने में सक्षम नहीं रह जाता है और भविष्य में उसके ऐसा करने की कोई संभावना नहीं रहती है।
  • शारीरिक विकलांगता:
    पॉलिसीधारक किसी चोट या दुर्घटना का शिकार होता है, जिसके परिणामस्वरूप इनका पूरी तरह और स्वस्थ न होने लायक नुकसान होता हो:
    i. दोनों पैरों या हाथों का नुकसान; या
    ii. दोनों आखों की रोशनी चले जाना; या
    iii. एक पैर या एक हाथ काम करने लायक न रह जाए और एक आंख की रोशनी चली जाए; या
    iv. दोनों हाथ कलाई से या दोनों पैर एड़ी से कटकर अलग हो जाए; या
    v. एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली जाए और कलाई से एक हाथ कटकर अलग हो जाए या एड़ी से एक पैर कटकर अलग हो जाए।
    “काम करने में असमर्थता” और “शारीरिक विकलांगता” के तहत विकलांगता की ऐसी स्थिति, बिना किसी बाधा के, कम से कम लगातार छह महीने तक की होनी चाहिए। साथ ही, डॉक्टर यह स्पष्ट कर दे कि पॉलिसीधारक स्थायी रूप से विकलांग हो चुका है। हालांकि 4, 5 तथा 2 के तहत उल्लिखित विकलांगता में 6 महीने की अवधि लागू नहीं होगी और बेनिफिट का लाभ तत्काल मिलेगा।

कोई पॉलिसीधारक टर्मिनल इलनेस (गंभीर बीमारी) से ग्रस्त तभी माना जाएगा, जब उस बीमारी के इलाज की विशेषता रखने वाले दो स्वतंत्र मेडिकल प्रैक्टिशनर बीमारी की पुष्टि करेगा और मरीज की 6 महीने के भीतर मृत्यु होने की आशंका होगी। मरीज के टर्मिनल इलनेस से ग्रस्त होने की पुष्टि इंडियन मेडिकल असोसिएशन में पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा की जानी चाहिए और इसे इंश्योरेंस कंपनी की मंजूरी मिलनी चाहिए। हालांकि, कंपनी के पास इसका फिर से स्वतंत्र आकलन करने का अधिकार है। एड्स के कारण टर्मिनल इलनेस को पॉलिसी में शामिल नहीं किया जाता है। मेडिकल प्रैक्टिशनर की परिभाषा हेल्थ इंश्योरेंस के मानकीकरण पर दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी और इसे निम्नलिखित तरीके से पारिभाषित किया जाएगा:एक मेडिकल प्रैक्टिशनर वह व्यक्ति है, जिसके पास किसी भी राज्य या मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया या काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसिन या केंद्र या राज्य सरकार द्वारा स्थापित काउंसिल फॉर होम्योपैथी का मान्य पंजीकरण हो, जिसके आधार पर उसे इसके अधिकार क्षेत्र में प्रैक्टिस करने का अधिकार प्राप्त हो। और वह अपने लाइसेंस और अधिकार क्षेत्र के भीतर काम करता हो। वह व्यक्ति चिकित्सा की एलोपैथिक प्रणाली में अर्हता प्राप्त हो और उसने खुद उस व्यक्ति का लाइफ इंश्योरेंस नहीं किया हो।

जवाब:
गृहिणी के लिए
अगर पति का लाइफ इंश्योरेंस नहीं हो, (स्वास्थ की स्थिति इंश्योरेंस लायक नहीं हो या उम्र बहुत अधिक हो) तो अधिकतम सम इंश्योर्ड 30 लाख रुपये तक हो सकता है।
स्वीकार्य सम इंश्योर्ड बढ़कर महिला के पति की कवरेज राशि के बराबर हो सकती है, अगर पति अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस (एएमएचआई) या किसी दूसरी कंपनी की क्षतिपूर्ति आधारित व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर हो (ग्रुप इंश्योरेंस के तहत कवरेज पर विचार नहीं किया जाएगा)। अतिरिक्त दस्तावेज जैसे शेड्यूल/रिन्युअल नोटिस जमा कराना होगा।

छात्र के लिए
स्वीकार्य अधिकतम बीमा राशि माता-पिता/भाई-बहन के सम इंश्योर्ड के बराबर हो सकती है। यह माता-पिता के बराबर या अधिक कवरेज और भाई-बहन के बराबर कवरेज के अधीन है। (अगर सम इंश्योर्ड की राशि 3 लाख रुपये से अधिक है तो शेड्यूल/रिन्युअल नोटिस जरूर जमा कराना चाहिए, अगर 3 लाख रुपये से कम है तो इसके लिए कोई दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं है।) या अगर छात्र ने शिक्षा लोन लिया हुआ है तो कवरेज इस लोन अमाउंट का 75% तक ही हो सकता है, चाहे माता-पिता या भाई-बहन का कवरेज कितना भी हो, उपरोक्त अधिकतम हो सकता है या 5 लाख रुपये (लोन सैंक्शन लेटर और डिस्बर्समेंट अडवाइज जैसे अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने होंगे), या अगर स्टाइपेंड (पीएचडी, एमबीबीएस/एमडी/एमएस आदि) मिल रहा है तो स्वीकार्य कवरेज माता-पिता या भाई-बहन के कवरेज के बजाय योग्यता के मुताबिक हो सकती है। (फाइनेंशियल अंडरराइटिंग सेक्शन देखें)

विधवा के लिए
स्वीकार्य अधिकतम सम इंश्योर्ड 3 लाख रुपये तक हो सकता है अगर महिला को कोई आमदनी नहीं हो रही या बिना कमाया पैसा है; अगर आमदनी हो रही है तो योग्यता के मुताबिक।

गैर-कामकाजी महिला के लिए
अधिकतम स्वीकार्य सम इंश्योर्ड माता-पिता/भाई-बहन के सम इंश्योर्ड के बराबर हो सकता है, जो माता-पिता के बराबर और उच्च कवरेज के अधीन है और भाई-बहन के कवरेज की राशि के बराबर (अगर सम इंश्योर्ड की राशि 3 लाख रुपये से अधिक है तो शेड्यूल/रिन्युअल नोटिस जरूर जमा कराना चाहिए, अगर 3 लाख रुपये से कम है तो इसके लिए कोई दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं है और केवल उद्घोषणा पत्र काफी होगा)

फैमिली फ्लोटर पॉलिसी में अधिकतम 4 सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। उपलब्ध कॉम्बिनेशन हैं
वयस्क, 2 वयस्क+ 1 बच्चा, 2 वयस्क + 2 बच्चे, 1 वयस्क + 1 बच्चा, 1 वयस्क + 2 बच्चे, 1 वयस्क + 3 बच्चे

यह एक रिन्युअल डिस्काउंट ऑफर है, जो हमारे द्वारा प्रदान किए गए मोबाइल ऐप्लिकेशन पर किसी खास समय अंतराल पर दर्ज आपके औसत स्टेप काउंट पर आधारित होता है। 1 साल की पॉलिसी के लिए औसत स्टेप काउंट की गणना चार अलग-अलग टाइम इंटरवल के लिए की जाती है, जिसपर उस इंटरवल के लिए छूट की गणना की जाती है। रिन्युअल के वक्त इन इंटरवल के लिए मिला डिस्काउंट अर्जित हो जाता है और लगने वाले प्रीमियम पर लागू होता है। दो साल की पॉलिसी के लिए यह 8 अलग-अलग टाइम इंटरवल के लिए किया जाता है।

आपको हमारे द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले मोबाइल एप्लिकेशन को डाउनलोड करना होगा और जितना स्टेप आप चलेंगे वह इसमें उनकी गिनती और रिकॉर्ड होगा।

यह लाभ पॉलिसी में शामिल केवल वयस्क सदस्य के लिए ही उपलब्ध है। औसत स्टेप की गणना के लिए आश्रित बच्चों पर विचार नहीं किया जाएगा।

किसी व्यक्तिगत पॉलिसी में डिस्काउंट % हर व्यक्ति के स्टेप काउंट के आधार पर हर बीमित व्यक्ति पर लगने वाले प्रीमियम पर लागू होगा।

किसी फ्लोटर पॉलिसी में पॉलिसी में शामिल सभी वयस्क सदस्यों के औसत स्टेप काउंट के आधार पर पॉलिसी पर डिस्काउंट % लागू होगा। उदाहरण के लिए, 2 वयस्क + 2 बच्चे फ्लोटर पॉलिसी में दो वयस्क के औसत स्टेप काउंट की गणना की जाती है, जिस पर उपयुक्त डिस्काउंट दिया जाता है।

पॉलिसी अवधि के मध्य में पॉलिसी में शामिल किए गए वयस्क सदस्य के डिस्काउंट की गणना अगले टाइम इंटरवल से की जाएगी न कि जारी समय अंतराल पर, जिसमें उसे पॉलिसी में शामिल किया गया है।

जब एक वयस्क आश्रित को एक व्यक्तिगत पॉलिसी से बाहर निकाल दिया जाता है, तो वह स्टे एक्टिव एप्लिकेशन से लॉग आउट हो जाएगा और कैंसलेशन से पहले उस व्यक्ति द्वारा कोई भी अर्जित डिस्काउंट न तो स्थानांतरित हो सकता है और न ही उसे भुनाया जा सकता है।

जब पॉलिसी से प्राइमरी इंशयोर्ड व्यक्ति बाहर निकल जाता है तो पॉलिसी रद्द हो जाती है और नई पॉलिसी संख्या और मेंबर आईडी के साथ एक नई पॉलिसी जारी हो जाती है, जिसमें रिस्क स्टार्ट डेट पहले वाला ही रहता है। जो व्यक्ति पॉलिसी से बाहर निकला है, उसे स्टे एक्विट बेनिफिट से हटा दिया जाता है और बाकी सदस्यों को नए मेंबर आईडी और मौजूदा लॉगइन के साथ लिंक करना पड़ेगा। लिंक होने के बाद सदस्यों के तमाम उपार्जित स्टेप और डिस्काउंट नए मेंबर आईडी के साथ आगे चलते रहेंगे।

एवरेज स्टेप और डिस्काउंट की गणना के लिए औसत स्टेप और डिस्काउंट की गणना के लिए नए सदस्य के स्टेप को अगले टाइम इंटरवल से गणना में शामिल किया जाएगा न कि जारी टाइम इंटरवल में जिसमें उसे पॉलिसी में जोड़ा गया है।

जब एक वयस्क आश्रित व्यक्तिगत पॉलिसी से बाहर निकलता है तो वह स्टे एक्टिव एप्लिकेशन से लॉग आउट हो जाएगा। पॉलिसी से बाहर निकलने से पहले इस सदस्य द्वारा चले गए कुल स्टेप को औसत स्टेप और डिस्काउंट की गणना में शामिल किया जाएगा। आश्रित सदस्य के बाहर निकलने के बाद औसत स्टेप की गणना पॉलिसी में बाकी बचे सदस्यों द्वारा चले गए स्टेप के आधार पर की जाएगी।

जब पॉलिसी से प्राइमरी इंशयोर्ड व्यक्ति बाहर निकल जाता है तो पॉलिसी रद्द हो जाती है और नई पॉलिसी संख्या और मेंबर आईडी के साथ एक नई पॉलिसी जारी हो जाती है, जिसमें रिस्क स्टार्ट डेट पहले वाला ही रहता है। जो व्यक्ति पॉलिसी से बाहर निकला है, उसे स्टे एक्विट बेनिफिट से हटा दिया जाएगा और बाकी सदस्यों को नए मेंबर आईडी और मौजूदा लॉगइन से लिंक कर दिया जाएगा। लिंक होने के बाद सदस्यों के तमाम उपार्जित स्टेप और डिस्काउंट नए पॉलिसी नंबर के साथ आगे चलते रहेंगे और पॉलिसी से बाहर निकलने से पहले प्राइमरी इंश्योर्ड द्वारा चले गए कुल स्टेप को औसत स्टेप और डिस्काउंट की गणना में शामिल किया जाएगा।

नहीं, यह कैशलेस नहीं है। आपको या तो इसपर होने वाला पूरा खर्च या प्रति हॉस्पिटलाइजेशन 2.5 लाख रुपये का भुगतान करना होगा, अगर निर्दिष्ट सभी शर्तें पूरी होती हैं।

यह रिम्बर्समेंट आधार पर होगा।

इसका फैसला मरीज का इलाज करने वाले चिकित्सकों के सर्टिफिकेट और रिम्बर्समेंट के केस पेपर्स के आधार पर क्लेम प्रोसेसिंग के दौरान क्लेम टीम द्वारा किया जाएगा।

क्रिटिकल अडवांटेज राइडर के लिए कोई स्टैंडर्ड हॉस्पिटल सूची उपलब्ध नहीं है। इलाज की स्थिति और जटिलता को देखते हुए ग्राहकों को नेटवर्क हॉस्पिटल का विकल्प उपलब्ध कराया जाता है।

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