Investment Plans

बचत और निवेश प्लान

हमारे बचत और निवेश प्लान ऐसे लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान हैं जो आपको आपके पैसों को बचाने और बढ़ाने के बहुत से साधन उपलब्ध कराते हैं. इन ऑनलाइन निवेश प्लान से व्यवस्थित और भरोसेमंद निवेश में मदद मिलती है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आप और आपका परिवार अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सके.

Investment Plan Definition

निवेश प्लान क्या हैं?

निवेश प्लान ऐसे वित्तीय उत्पाद हैं, जो भविष्य के लिए संपत्ति बनाने का अवसर प्रदान करते हैं. निवेश प्लान व्यक्तियों को समय के साथ अलग-अलग फ़ंड में व्यवस्थित और आवधिक निवेश करने में मदद ऑफ़र करते हैं ताकि वे अपने भावी वित्तीय लक्ष्यों को हासिल कर सकें.

Savings and Investment Plans

आपको बचत और निवेश प्लान की ज़रूरत क्यों होती है?

बचत और निवेश प्लान से आपको नियमित तौर पर बचत करने और भविष्य में परिवार की वित्तीय ज़रूरतों की पूर्ति करने के लिए पर्याप्त तैयार होने में मदद मिलती है.

ये ऑनलाइन निवेश प्लान ऐसी विभिन्न सुविधाएं ऑफ़र करते हैं, जिनसे आपको जोखिम उठाने की अपनी इच्छा के अनुरूप किए गए निवेश के ज़रिए अपनी ख़ास वित्तीय ज़रूरतों की पूर्ति करने में मदद मिलती है.

HDFC Life Savings and Investment Plans

एचडीएफ़सी लाइफ़ के सेविंग और इन्वेस्टमेंट प्लान से आपको कैसे मदद मिलती है?

हमारे सेविंग और इन्वेस्टमेंट प्लान से आपको आपकी ख़ास वित्तीय स्थिति और भावी ज़रूरतों का ध्यान रखते हुए नियमित इन्वेस्टमेंट की मदद से पर्याप्त रुपए बचाने में मदद मिलती है.

वे आपके परिवार को सुरक्षा भी प्रदान करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि सभी खर्च आपकी गैर-मौज़ूदगी में भी कवर किए जाएं.

सभी प्लान

एचडीएफ़सी लाइफ़ क्लिक 2 वेल्थ
यूनिट लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग, लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान, जो मार्केट लिंक्ड रिटर्न ऑफ़र करता है, इन पर न्यूनतम शुल्क लगाया जाता है, यह आपके और आपके परिवार के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ संचय प्लस
एचडीएफ़सी लाइफ़ संचय प्लस, नॉन-पार्टिसिपेटिंग, नॉन-लिंक्ड, सेविंग इंश्योरेंस प्लान है, जो आप और आपके परिवार के लिए गारंटीड रिटर्न ऑफर करता है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ क्लासिक वन
एचडीएफ़सी लाइफ़ क्लासिक वन यूनिट लिंक्ड सिंगल प्रीमियम लाइफ इंश्योरेंस प्लान है, जो कि ऐसे अद्वितीय विकल्प के साथ आता है, जो दो व्यक्तियों के लिए लाइफ़ कवरेज ऑफ़र करता है और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ संचय
गारंटीड रिटर्न से आपको अपनी जिम्मेदारियां आसानी से पूरी करने में मदद मिलती है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ संपूर्ण समृद्धि प्लस
लाइफ़टाइम कवरेज का लाभ लेते हुए अपनी संपत्ति बनाएं और अपनी विरासत के लिए प्लान करें. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ क्लासिकएश्योर प्लस
इस प्लान से आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलती है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ सुपर इनकम प्लान
नियमित आय वाला प्लान जिसमें गारंटीड लाभ और बोनस शामिल हैं और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ संपूर्ण निवेश
आपके पास अपने परिवार के लिए कुछ वित्तीय लक्ष्य हैं, जो आपके जीवन के एक चरण से दूसरे चरण पर आगे बढ़ने पर बदल सकते हैं. और पढ़ें
एचडीएफ़सी एसएल प्रोग्रोथ फ़्लेक्सी
ऐसा यूलिप प्लान जो निवेशों के लिए फ़ंड चुनने की अनुकूलता देता है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ प्रोग्रोथ प्लस
ऐसा प्लान जिसमें आप जोखिम और रिटर्न की आवश्यकताओं के आधार पर निवेश कर सकते हैं और पढ़ें
एचडीएफ़सी एसएल प्रोग्रोथ सुपर II
सेविंग सह यूलिप प्लान जिसमें 8 अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं और पढ़ें
एचडीएफ़सी एसएल क्रेस्ट
ऐसा यूलिप सेविंग प्लान जिससे आपको अपने परिवार को वित्तीय सुरक्षा देने के साथ-साथ निवेश के लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलती है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी प्रोग्रोथ मैक्सीमास्टर
यह प्लान इंश्योरेंस कवरेज के साथ ऐसा सिंगल प्रीमियम यूनिट लिंक्ड प्लान है, जिससे कम अवधि में संपत्ति निर्मित करने में मदद मिलती है. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ उदय
यह सुनिश्चित करने के साथ-साथ कि आपके परिवार को आपकी आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में गारंटीड एडिशन और बोनस जैसे लाभ प्राप्त हों. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ कैपिटल शील्ड
आप मेहनत से कमाए गए अपने पैसों को निवेश करने के लिए हमेशा सर्वोत्तम साधन का उपयोग करना चाहते थे. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ एसएल सर्वग्रामीण बचत योजना
एचडीएफ़सी सर्व ग्रामीण बचत योजना एचडीएफ़सी लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (पूर्व में एचडीएफ़सी लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) की ओर से एक ख़ास ऑफ़रिंग है जो कि हमारे ग्रामीण ग्राहकों के लाभ के लिए ख़ासतौर से बनाई गई है, ताकि उन्हें इसकी तैयारी में मदद मिल सके. और पढ़ें
एचडीएफ़सी लाइफ़ प्रगति
“अपनी बचतों को बढ़ाएं, अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं”. हममें से हर कोई अपने लिए और अपने प्रियजनों के लिए सुरक्षित भविष्य की इच्छा करता है और पढ़ें
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आपके लिए सही बचत और निवेश योजना के बारे में उलझन में है?

 
एचडीएफ़सी लाइफ़ की ओर से उपलब्ध कराया गया कर कैल्क्युलेटर सरल और उपयोग में आसान टूल है, जिससे आपके द्वारा भुगतान योग्य कर की राशि की गणना करने में मदद मिलती है.
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आपके फ़ायनांस को प्रबंधित करने का मतलब है आपकी मौजूदा ज़रूरतों का भविष्य में उत्पन्न होने वाली ज़रूरतों से तालमेल बिठाना. सही निवेशों को चुनना, भविष्य की ज़रूरतों के लिए पर्याप्त बचत करने का उपाय है. इसलिए, आपको अपने लिए और अपने परिवार के लिए सही निवेश प्लान कैसे चुनना चाहिए? आखिरकार, बहुत से निवेश प्लान उपलब्ध हैं. इसका मुख्य उपाय है उपलब्ध विकल्पों की विस्तृत समझ हासिल करना. यहां इसका विस्तृत विवरण दिया गया है.

FD समझने में आसान है, इसीलिए वे भारत में बहुत लोकप्रिय हैं. हालांकि, उनमें कम बढ़ोत्तरी और कर के असर दोनों के तौर पर प्रभाव होता है. याद रखें, कम जोखिम होने के कारण उनके ब्याज की आय हमेशा, महंगाई की वजह से कम हो जाएगी. इसके अलावा, इन पर कर का प्रभाव होता है, जिसका भुगतान कर के स्लैब के अनुसार करना होता है. निश्चित तौर पर, पब्लिक प्रोविडेंट फ़ंड (PPF) और नेशनल सेविंग सर्टिफ़िकेट (NSC) इसके अपवाद हैं, जो आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रु. की कुल आय में से कटौतियों के लिए योग्य है. आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C, धारा 80CCC और धारा 80CCD(1) के तहत कुल उपलब्ध कटौती रु. 1.5 लाख तक ही सीमित है.

म्युच्युअल फ़ंड और लाइफ़ इंश्योरेंस निवेश प्लान के लिए आपके पास आपके पैसे का प्रबंधन करने के लिए विशेषज्ञ मौजूद हैं. लाइफ़ इंश्योरेंस बचत और निवेश प्लान में, आपको निवेश के साथ-साथ संयोजित लाइफ़ इंश्योरेंस के तौर पर सुरक्षा भी मिलती है. आपकी जोखिम उठाने की इच्छा पर निर्भर करते हुए, म्युच्युअल फ़ंड में आप कम जोखिम वाले ऋण फ़ंड से लेकर ज़्यादा जोखिम वाले इक्विटी फ़ंड तक के विकल्पों में से चुन सकते हैं. लाइफ़ इंश्योरेंस में, यह थोड़ा अलग तरीके से काम करता है. 

यहाँ ट्रेडिशनल प्लान और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) उपलब्ध हैं. जबकि ट्रेडिशनल प्लान उनके लिए हैं जो निवेश (इन्वेस्टमेंट) विशेषज्ञ द्वारा बनाए गए निवेश (इन्वेस्टमेंट) के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं, यूएलआईपी प्लान उनके लिए हैं जो अपने द्वारा निवेश (इन्वेस्टमेंट) किए गए पैसों के बारे में सोचते हैं और अपने निवेश (इन्वेस्टमेंट) प्रदर्शन पर नज़र बनाए रखना चाहते हैं.

ट्रेडिशनल प्लान में, आपके प्रीमियम का एक हिस्सा निवेश (इन्वेस्टमेंट) कर आपके पैसे को बढ़ाने के लिए प्रसारित किया जाता है. पॉलिसी अवधि के दौरान, आपको बोनस, लॉएलिटी और अन्य अतिरिक्त प्राप्त होते हैं. ये आपके बचत की राशि में जुड़ जाते हैं.

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान की स्थिति में, प्रीमियम के एक हिस्से का उपयोग निवेश (इन्वेस्टमेंट)क द्वारा यूएलआईपी यूनिट को खरीदने के लिए किया जाता है. यूएलआईपी फंड का चुनाव आमतौर पर निवेश (इन्वेस्टमेंट)कों द्वारा इच्छानुसार जोखिम को निर्धारित करने के लिए किया जाता है. आमतौर पर, यूएलआईपी प्लान में ऐसे फंड होते हैं जो ऋण और इक्विटी में अलग-अलग अनुपात में निवेश (इन्वेस्टमेंट) करते हैं. निवेश (इन्वेस्टमेंट)क जो अपने पैसे में वृद्धि के लिए प्रयास करते हैं, वे ऐसे फंड को चुन सकते हैं जो एक बड़ी मात्रा में इक्विटी में निवेश (इन्वेस्टमेंट) करता है.लंबी अवधि जैसे, 8-10 वर्ष या इससे अधिक के बाद ये इक्विटी आधारित यूएलआईपी फंड आमतौर पर अधिक वृद्धि प्रदान करते हैं. यह सुनिश्चित करता है कि आपके पास पर्याप्त बचत है. .

इक्विटीज़ से होने वाली वृद्धि के अतिरिक्त, यूएलआईपी में उस किसी लॉयल्टी एडिशन सुविधा का लाभ भी मिल सकता है, जिसका रिवार्ड उस किसी भी व्यक्ति को मिल सकता है, जिसने कम से कम उस एक निश्चित सीमा अवधि तक निवेश (इन्वेस्टमेंट) किया हुआ है, जिसके बचे हुए में नियमित अंतराल पर अनुवृद्धि हो रहे हैं. इस वृद्धि पर भुगतान किए गए प्रीमियम और टैक्स मिक्त मैच्योरिटी के लिए, आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 80C के अंतर्गत 1.5 लाख रू. तक की वार्षिक कटौती की प्रक्रिया, आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 10(10D) के अंतर्गत की जाती है, जो इसमें बताए गए नियम और शर्तों को पूरा करने के अधीन है. टैक्स लाभ, ट्रेडिशनल प्लान में भी उपलब्ध हैं, लेकिन जो युवा हैं और वृद्धि की तलाश में हैं, उनके लिए यूएलआईपी प्लान, श्रेष्ठ निवेश (इन्वेस्टमेंट) प्लान बनने में सबसे आगे हैं.

यद्पि हमने आपको भारत में विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण निवेश (इन्वेस्टमेंट) पॉलिसी के बारे में संक्षिप्त विवरण प्रदान किया है, आपको विभिन्न निवेश (इन्वेस्टमेंट) प्लान में से सर्वश्रेष्ठ निवेश (इन्वेस्टमेंट) प्लान चुनते समय अपने परिवार की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए. यह आपके वित्तिय लक्ष्य के साथ समस्याओं को दूर करने का सबसे सही तरीका है. 

आप इंश्योरेंस और निवेश को यूलिप में क्यों संयोजित करना चाहेंगे?

जब आप अपने परिवार के सभी नियमित खर्चों का बंदोबस्त कर लेते हैं, तो आप शेष बची राशि को अपने परिवार के भविष्य की ज़रूरतों के लिए बचाते हैं. दूसरे शब्दों में, आपका परिवार अपने वर्तमान और साथ-साथ भविष्य की ज़रूरतों के लिए आप पर निर्भर है. इसलिए, अगर आपको कुछ हो जाता है, तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि आपके परिवार के सपने बिखर जाएँ. लेकिन चिंता न करें! अपने निवेश और इंश्योरेंस को इन निवेश योजनाओं से जोड़ने से आपको अपने परिवार के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है.
  • आपके द्वारा किए जाने वाले हर निवेश का उद्देश्य भावी लक्ष्य की पूर्ति करने का होता है. आदर्श तौर पर, आप यह उम्मीद करते हैं कि जब आपके निवेश परिपक्व हो जाएंगे, तब उनसे आपको अपने भावी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी. लेकिन जब तक निवेश परिपक्व हों और आपके परिवार को उनके लक्ष्यों की पूर्ति करने में मदद मिले, जोखिम का तत्व हमेशा मौजूद रहता है. अगर आपको आकस्मिक रूप से कुछ हो जाता है, तो इस निवेश को कभी भी नकद में बदला जा सकता है और आपके परिवार की मौजूदा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए समय से पहले ही उसकी निकासी की जा सकती है. अगर आंशिक राशि को नकद में बदलने के बाद शेष बची राशि से भी परिवार के लक्ष्यों की पूर्ति नहीं हो सकती है, चाहे वह बच्चे की उच्च शिक्षा हो या जीवनसाथी की सेवानिवृत्ति हो.

  • आपके कार्यावधि के शुरुआती समय में परिवार की वित्तीय सुरक्षा को काफ़ी ज़्यादा जोखिम होता है. चाहे वह लक्ष्य जैसे आपके बच्चे की उच्च शिक्षा या विवाह हो, या आपकी स्वयं की सेवानिवृत्ति हो आपकी बचतें, शुरुआती चरण में बहुत कम होती हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप आज से आगे के 20 वर्षों के लिए अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए 50 लाख रु. बचाने का लक्ष्य बना रहे हैं, और आपके निवेश से कर लगाने के बाद बचने वाला वार्षिक रिटर्न 8% हो, तो आपको अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर माह 8,793 रु. बचाने होंगे. लेकिन आप पहले 5 वर्षों में केवल 6.45 लाख ही इकट्ठे कर सकेंगे और पहले 10 वर्षों में केवल 15.93 लाख रु. ही इकट्ठे कर सकेंगे, निश्चित तौर पर आपके बच्चे की उच्च शिक्षा की ज़रूरतें पूरी करने में उसे मदद नहीं मिलेगी. इसी तरह की स्थितियों में लाइफ़ इंश्योरेंस कवरेज आपके लिए मददगार होता है और इससे यह सुनिश्चित होता है कि आपकी आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में भी आपका परिवार अपने इच्छित लक्ष्यों को पूरा कर सके.

  • आपकी कार्यावधि के दौरान आपकी आय से आपको विभिन्न प्रकार की संपत्तियां बनाने में मदद मिलेगी जैसे मकान, उपकरण, गैजेट, भूमि, गृह संपत्ति, सोना और डिपॉज़िट. समय के साथ, कुछ संपत्तियों से आपके परिवार के नियमित खर्चों की पूर्ति करने योग्य पर्याप्त इनकम जेनरेट होगी. लेकिन अगर आप जीवित नहीं रहते हैं, तो इन संपत्तियों को हासिल करना महज़ एक अधूरी इच्छा बन कर रह जाएगा. यहां, जब आय देने वाली बहुत सी संपत्तियां उपलब्ध नहीं हो, तब लाइफ़ इंश्योरेंस कवर वह सेतु बनाता है. साथ ही, बड़े आइटम ऐसे कार और घर, ऋण की मदद से खरीदे जाते हैं. आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में, आपके परिवार के पास, बकाया ऋण को चुकाने के लिए उन्हें बेच देने को छोड़कर कोई भी विकल्प शेष नहीं रह जाता. यहां लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा उपलब्ध किए जाने वाले यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) बहुत कारगर साबित होते हैं. वे आपकी गैर-मौजूदगी में आपके जीवन-निर्वाह के खर्चों को कवर करके न केवल आपके परिवार को सुरक्षा देते हैं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य इनसे ऋण पर खरीदे गए कार और घर का आनंद लेते रह सकते हैं. लाइफ़ कवर देने के अलावा, यूलिप से आप इक्विटी में भी निवेश कर सकते हैं, जो आमतौर पर 10 वर्ष या इससे ज़्यादा अवधि में उच्च वृद्धि उपलब्ध करवाते हैं. लाइफ़ कवर से यह सुनिश्चित होता है कि यूलिप के निवेश के भाग के अलावा उच्च वृद्धि वाले अन्य निवेश जैसे इक्विटी में किए गए निवेश लगातार बढ़ते रहें. इसके अलावा, लाइफ़ इंश्योरेंस की लागत, ख़ासतौर से ऑनलाइन प्लान के लिए बहुत कम होती है.

  • आपके परिवार की देखभाल करने के लिए जीवन की पर्याप्त सुरक्षा के साथ आपको ज़्यादा लाभ देने वाले निवेशों को हासिल करने के लिए सही स्थिति मिलती है. इससे आपको 10 वर्ष या इससे ज़्यादा अवधि में और ज़्यादा बचत करने में आसानी भी होती है.

    साफ़तौर पर, यूलिप जैसे कॉम्बो प्रोडक्ट में निवेश करके निवेश को इंश्योरेंस से संयोजित करने से आपको शुरुआती तौर पर दिखाई देने वाले लाभों के मुकाबले ज़्यादा लाभ होता है. सही उपाय है, सही यूलिप में निवेश करना.*

    *इस लेख में दिखाई गई गणनाएं पूर्वानुमानों पर आधारित है जो इनमें बताई गई हैं और वे किसी भी उत्पाद से संबद्ध नहीं हैं और वे केवल उदाहरण के उद्देश्य से दी गई हैं.

ऐसे 3 तरीके, जिनसे यूलिप की लॉक-इन अवधि से आपको लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए निवेश करने में मदद मिलती है

कम-अवधि की वित्तीय आकस्मिकताओं से अक्सर लंबी-अवधि की ज़रूरतों की पूर्ति करने की आपकी वित्तीय योजनाओं को नुकसान होता है. आकस्मिकता आने पर, हम निवेशों की सहायता लेते हैं, जिन्हें आसानी से नकद में बदला जा सकता है. यही वे स्थितियां हैं, जिनमें निवेश की लॉक इन अवधियां जैसे यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIPs) में मौजूद लॉक-इन अवधियों से आपको अपने तयशुदा मार्ग पर बने रहने में मदद मिलती है.
  • आपके जीवन के लंबी अवधि के लक्ष्य जैसे रिटायरमेंट के लिए बड़ी राशियों की ज़रूरत होती है. चूंकि बड़ी राशियां कम अवधि में बचाई नहीं जा सकती हैं, इसलिए आपको अलग-अलग लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लंबी अवधि की नियमित बचतों की ज़रूरत होती है. इसका मतलब यह है कि आपको ऐसी आकस्मिकता आ सकती हैं, जिनमें आपको बड़ी धनराशि खर्च करनी पड़ सकती है. अगर आप निर्बाध तौर से लंबी अवधि के निवेश कर सकें, तो वे आसानी से नकद में बदले जाने लायक विकल्प बन सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आपके लंबी अवधि के लक्ष्यों में बदलाव हो जाएगा. उदाहरण के लिए, किसी चिकित्सीय आकस्मिकता की पूर्ति के लिए लंबी अवधि के निवेशों, जैसे आपके बच्चे की उच्च शिक्षा को समय से पहले नकद में बदल देने से उसकी शिक्षा प्रभावित होगी या उसे शिक्षा ऋण लेना होगा. अगर आप शिक्षा ऋण के EMI भुगतान का बोझ ले लेते हैं, तो इससे आपकी रिटायरमेंट की बचतें प्रभावित होंगीं. अगर आपका बच्चा शिक्षा ऋण की EMI का भुगतान करता है, तो वह अपने शुरुआती कार्यजीवन में कम या कोई पैसे नहीं बचा सकेगा. ULIP में मिलने वाली लॉक-इन अवधि से यह सुनिश्चित होता है कि आप शुरुआती वर्षों में नियमित बचत करते रहें, उसे नकद में बदलने से दूर रहें और जीवन के इच्छित लक्ष्य के लिए इच्छित राशि सफलतापूर्वक बचाएं.

  • जब आप यूलिप में लंबी अवधि के निवेश करना शुरू करते हैं, तो आप आमतौर पर उसे अपने बच्चे की उच्च शिक्षा या विवाह जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य के लिए तय कर लेते हैं. ये लक्ष्य संभावित रूप से 10-20 वर्ष आगे के होते हैं. हालांकि, माह-दर-माह आपके नियमित खर्चों की अवधि में आपके लिए ऐसे मौके आ सकते हैं, जब आपको अचानक कम अवधि में बहुत ज़्यादा पैसों की ज़रूरत पड़ जाए. यह आपके बच्चे के स्कूल में एडमिशन की प्रक्रिया के लिए पैसा हासिल करने जैसी स्थिति हो सकती है. इसे आपके मासिक बजट से हासिल नहीं किया जा सकता या आपके पास मौजूद छोटी बचतों से हासिल नहीं किया जा सकता है. अगर आपको शुरुआती वर्षों में यूलिप जैसे निवेशों से पैसे निकालने की अनुमति नहीं होती है, तो आप 5 वर्ष की अनिवार्य लॉक-इन अवधि की समाप्ति तक काफ़ी राशि बचा लेंगे. आकस्मिकताओं के दौरान बचतों की राशि को नकद में बदल कर कम राशि हासिल करने की आपकी इच्छा, लंबी अवधि में काफ़ी ज़्यादा राशि बचाने की इच्छा के मुकाबले ज़्यादा होगी. इसका परिणाम यह होता है कि आपके पैसों के लंबी अवधि में निर्बाध तौर पर बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है और आपको अपनी इच्छित वृद्धि प्राप्त होती है. जैसे कि आकस्मिकताओं की स्थिति के लिए, आप उनके लिए प्रावधान करने के लिए बाध्य होते हैं जैसे कि आकस्मिकता फ़ंड जिसमें जीवन निर्वाह के खर्चों के 3-6 माह के बराबर नकद निवेश होते हैं. किसी भी स्थिति में, आकस्मिकता के दौरान, आपको पैसों के लिए इधर-उधर खोजबीन करनी होगी और यही वह स्थिति है, जिनमें निवेश प्लान उपयोगी होता है.

  • इक्विटी को लंबी अवधि जैसे 8-10 वर्ष या इससे अधिक अवधि में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली एसेट की श्रेणी में माना जाता है. लेकिन, कम अवधि में इन निवेशों में काफ़ी उतार-चढ़ाव की संभावना होती है. ऐसे व्यक्तिगत निवेशक, जो इक्विटी निवेश के क्षेत्र में नए हैं, कम अवधि में होने वाले उतार-चढ़ावों से घबरा सकते हैं और मार्केट में गिरावट आने पर जल्दी ही उससे बाहर निकल जाते हैं, जिससे वे लंबी अवधि में होने वाली वृद्धि के अवसरों को खो देते हैं. हालांकि, यूलिप में न्यूनतम 5 वर्षों के लॉक इन की बदौलत, जिससे आपको इक्विटी के लंबी अवधि के वृद्धि की क्षमता का लाभ उठाने में भी मदद मिलती है, आप इससे तुरंत और समय से पहले बाहर नहीं निकल सकते हैं. समय बीतने पर, आप उतार-चढ़ावों को सामान्य तौर पर लेते हैं जिससे 8-10 वर्षों की अवधि बीत जाने पर निवेशों से आपको लंबी अवधि के निवेश प्लान से स्थिर रिटर्न मिलने लगते हैं.

    आमतौर पर निवेशक ऐसे सर्वश्रेष्ठ निवेश प्लान को प्राथमिकता देते हैं, जिनमें वे अपने पैसे को आकस्मिकताओं की स्थिति में हासिल कर सकें. अक्सर, यह सुविधा अच्छी होने के बजाय ज़्यादा नुकसान करती है, क्योंकि लोग लंबी अवधि के निवेशों से समय के पहले बाहर निकलने के गलत फैसले की वजह से समय के साथ की गई अपनी मेहनत को व्यर्थ कर देते हैं. यूलिप जैसे निवेशों की लॉक इन अवधियों से यह सुनिश्चित होता है कि आपके संजोए गए लक्ष्यों जैसे आपके बच्चे की उच्च शिक्षा की ओर आपका सफ़र आपकी कम अवधि की आकस्मिकताओं से बाधित नहीं हो.

₹ 1000 से भी बदलाव आ सकता है

हर माह 1,000 बचाने से आपके जीवन में कितना बदलाव आ सकता है? आखिरकार, भारत के किसी बड़े शहर में आप इतनी राशि किसी मल्टीप्लेक्स की ट्रिप पर और कुछ मामले में दो लोगों के भोजन पर खर्च कर देते हैं. यह राशि आपको अपने भविष्य को बदल देने के लिए काफी नहीं लगती. लेकिन अगर हम यह कहें कि अगर आज आपकी आयु 24 वर्ष है, और इससे 54 वर्ष की आयु में 14.16 लाख रु. का अंतर आता है, तो आप हमारी बात को ध्यान से सुनेंगे, है ना?
यहां आपको बड़े अचरज में डालने वाले कुछ आंकड़े दिए गए हैं, कि निवेश प्लान में छोटी बचतें आपको भविष्य में किस तरह का लाभ दिला सकती हैं.

चाहे आपकी बचतें कितनी भी कम क्यों न हों, अगर उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए, तो वे समय बीतने पर वाकई बड़ी बन जाती हैं.

अब, अगर आप 24 वर्ष की आयु में सभी खर्चों, EMI का प्रबंध करने के बाद हर माह 1,000 बचा लेते हैं, और अगले 30 वर्षों तक यही राशि बचाना जारी रखते हैं, तो आपके पैसे बढ़कर 14.16 लाख रु. हो जाते हैं. इसमें यह माना गया है कि आपके पैसे हर वर्ष कर लगाने के बाद 8 प्रतिशत वार्षिक की दर से बढ़ते हैं. अगर आप इससे दोगुनी राशि बचाना शुरू करते हैं लेकिन 10 वर्ष बाद ऐसा करते हैं, यानी 2000 रू, हर माह 34 वर्ष की आयु में बचाना शुरू करते हैं? इसका उत्तर है: आप अपने पैसे के लिए समान वृद्धि को मानते हुए केवल 11.44 लाख ही बचा सकेंगे. यह आश्चर्यजनक है, है ना? बचतों को दोगुना करने पर भी आप उतनी राशि हासिल नहीं कर सकते हैं, जितनी आप जल्दी शुरुआत करके कर सकते हैं. लेकिन इससे क्या पता चलता है?

चलिए एक उदाहरण लेते हैं, रु. 1000 का मासिक बचत में जब 8 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से वृद्धि होती है, तो वह 20 वर्ष में रु. 5.72 लाख हो जाता है. यदि आप इसी प्रकार और अधिक बचत करते हैं, तो अगले 10 वर्षों में इस पैसे में 2.5 गुणा वृद्धि होती है. इसे एक अलग तरीके से समझें, यदि आप 20 और 30 वर्षों के बीच 1.81 लाख का निवेश करते हैं, तो आपकी बचत 6.63 लाख की हो जाती है. और आप यह बहुत आसानी से कर सकते हैं क्योंकि आपने अपने पहले 20 वर्षों में रु. 5.72 लाख इकट्ठा कर लिया है. इस कहानी का तात्पर्य यह है कि: एक लंबी अवधि के दौरान पैसे में अपने आप वृद्धि होती है. इसलिए, इसका मूल यह है कि आपके पास पर्याप्त समय है और यह जरूरी नहीं है कि आप अधिक पैसे का बचत करें.

यहाँ “कम समय में अधिक बचत” वाली बहुत सी निवेश स्कीम हैं, जो आपको कम समय में आपकी राशि में अधिक वृद्धि का आश्वासन देती हैं. बहुत से लोग, जो देरी से निवेश शुरू करते हैं वे अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने की उम्मीद से ऐसी योजनाओं का शिकार हो जाते हैं और अपना पैसा गंवा बैठते हैं. लेकिन यदि आप नियमित रूप से सही समय पर भले ही कम बचत शुरू कर देते हैं, तो यह सुनिश्चित करता है कि आपको इस प्रकार का कोई भी प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है और न ही यह अधिक जोखिम भरा है. कुछ भी हो, न्यूनतम पर्यवेक्षण के साथ आप अपने पैसे में वृद्धि कर सकते हैं और साथ ही अपने जीवन के महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं. इसका अर्थ यह है कि आपको खुद को चिंतित कर उच्च वृद्धि, उच्च जोखिम वाले निवेश क्षेत्र जैसे स्टॉक मार्केट पर नज़र रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है. देर से शुरूआत करने के बाद, लोग अपने समय का बहुत बड़ा हिस्सा इस चीज़ को जानने में लगा देते हैं कि स्टॉक को कब खरीदा जाए और कब बेचा जाए, और हमेशा इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं.

अधिकांश लोगों जो एक सामान्य गलती करते हैं, वो यह है कि वे इस बात का इंतजार करते हैं कि उनके पास निवेश करने के लिए पर्याप्त धन हो जाए फिर वे निवेश करेंगे. इस प्रक्रिया में, वे अपने पैसे में वृद्धि के लिए कीमती समय को गंवा देते हैं. यदि आप इस बात को लेकर संशय में हैं कि अपनी छोटी सी बचत को कहाँ लगाया जाए, तो आपके लिए अच्छी खबर यह है कि ऐसे कई सारे निवेश विकल्प मौजूद हैं जो आपको ऐसा करने में मदद करता है. इनमें से लाइफ इंश्योरेंस प्लान भी शामिल हैं. दिलचप्स बात यह है कि, बहुत से लोगों का मानना है कि उन्हें लाइफ इंश्योरेंस सेविंग प्लान में निवेश करने के लिए पर्याप्त राशि की आवश्यकता होती है. लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के पास मासिक प्रीमियम भुगतान मोड की व्यवस्था भी है जहाँ आप छोटी राशि जैसे रु. 1000 का भी निवेश कर सकते हैं. यदि आप ऑनलाइन खरीदते हैं, तो यह राशि और भी कम हो सकती है. जैसे-जैसे आप छोटी बचत की आदत डालते जाते हैं, आपके पैसे में वृद्धि होती जाती है, और इस प्रकार आप अपनी विशेष जरूरतों के लिए पैसा इकट्ठा कर सकते हैं.

हमने अक्सर अपने बड़े-बुजुर्गों को समय बलवान है कहते हुए सुना है. छोटी वृद्धि ही सही, लेकिन नियमित बचत इसका एक सबसे बड़ा उदाहरण है. और सबसे आश्चर्य की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति ऐसा करके अपने भविष्य को एक बेहतर मोड़ दे सकता है. तो, अब आप क्या कहते हैं? रु. 1000 की मासिक बचत, है न?

एचडीएफ़सी लाइफ़ क्लिक टु इन्वेस्ट यूलिप
छोटी बचत, समय बीतने पर बढ़कर पर्याप्त बड़ी राशि बन सकती है. एचडीएफ़सी लाइफ़ क्लिक टु इन्वेस्ट - यूलिप, आपके निवेश पर रिटर्न को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए 8 फ़ंड विकल्प उपलब्ध कराता है.
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सामान्य प्रश्न

आप मेरा खाता के पॉलिसी सारांश सेक्शन के अंतर्गत अपनी पॉलिसी के मूल्य की जाँच कर सकते हैं. मेरा खाता हेतु रजिस्ट्रेशन करने के लिए, यहां क्लिक करें. आप यात्रा के दौरान एसएमएस की सुविधा के लिए भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जिसमें आप एसएमएस के ज़रिए पॉलिसी की फ़ंड वैल्यू देख सकते हैं. आप "REG [space] [पॉलिसी नंबर]" लिखकर और उसे 5676727 (सेवा प्रदाता के अनुसार शुल्क लागू होंगे) इस सेवा के लिए रजिस्टर कर सकते हैं. आपके पॉलिसी फ़ंड के प्रदर्शन की जानकारी के बारे में अपडेट रहने के लिए, आपके मेलिंग पते पर वार्षिक यूनिट विवरण भी भेजा जाता है. यहां तक कि आप नीचे दिए गए कार्य करके हमारी IVR सेवा के ज़रिए भी फ़ंड वैल्यू देख सकते हैं: विकल्प 1- पॉलिसी की जानकारी का चयन करें और 1 दबाएं. आप 08000006609 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस टेक्स्ट के ज़रिए आपको आपकी पॉलिसी की फ़ंड वैल्यू प्राप्त होने तक इंतज़ार करके हमारी मिस्ड कॉल सेवा का उपयोग भी कर सकते हैं.

अधिकांश यूनिट लिंक्ड प्लान आपको पॉलिसी डॉक्यूमेंट में बताई गई शर्तों के तहत पॉलिसी की "चालू" और “पेड-अप” स्थिति के दौरान किसी भी समय एकमुश्त निकासी का विकल्प ऑफ़र करते हैं. आंशिक निकासी के लिए पात्रता और लगाए जाने वाले शुल्कों की जानकारी के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज़ को देखें.

आप अपने निवेश प्लान की प्रीमियम का भुगतान नीचे दिए गए माध्यमों से ऑनलाइन कर सकते हैं:

नेटबैंकिंग

क्रैडिट कार्ड/डेबिट कार्ड्स

पिन के साथ डेबिट कार्ड

कार्ड पर SI

प्लान या फॉर्म भरने से संबंधित सवालों के लिए हमें कृपया टोल फ्री नंबर 1800 266 9777 पर कॉल करें या हमसे Buyonline@HDFCLife.in पर संपर्क करें. दस्तावेज़ सबमिट करने संबंधित या प्रीमियम भुगातन के बाद किसी प्रकार के सवाल के लिए आप हमें onlinequery@hdfclife.in पर लिख सकते हैं या हमें टॉल फ्री नंबर 1800 266 0315 पर कॉल कर सकते हैं.
पॉलिसी जारी होने के बाद आप हमारे ग्राहक सेवा डेस्क से 1860 267 9999 (लोकल कॉल शुल्क लागू है) पर संपर्क कर सकते हैं या हमें SERVICE@HDFCLife.com पर लिखें

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